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द्वादश ज्योतिर्लिंग -[भाग-6]-महाकालेश्वर

‘ ऊँ महाकाल महाकाय , महाकाल जगत्पते। महाकाल महायोगिन् ‌ महाकाल नमोऽस्तुते॥ - महाकाल स्त्रोत(महाकाय, जगत्पति, महायोगी महाकाल को नमन) ...

'ईंटों से बना 'भारत का सबसे पुराना किला..


पुरातत्व शोधों के अनुसार उत्तरी पंजाब में मानव सभ्यता के चिन्ह ईसा पूर्व ४०,००० सालों से दिखाई दिए हैं.७००० साल ईसा पूर्व इंसान ईंट मिट्टी के झोंपड़े बना कर रहते थे,भेड़ बकरियां पाला करते थे.इनके चिन्ह आज भी यहाँ मिलते हैं.१५ AD में यहाँ कुषाण साम्राज्य की स्थापना हुई.

पंजाब राज्य के मालवा इलाके में लखी जंगल में तीसरी सदी में राओ भाटी द्वारा 'बठिंडा शहर' स्थापित किया गया था. बाल राओ भाटी के नाम पर ही इस स्थान का नाम बठिंडा पड़ा.

यह कभी राजा जयपाल की राजधानी भी हुआ करती थी.

यहाँ की पांच झीलों के कारण इस शहर को' झीलों का शहर' भी कहते हैं.
सिखों के पांचवें तख्त दमदम साहिब यहाँ से थोड़ी दूरी पर ही है.



बठिंडा शहर के बारे में अधिक जानकारी यहाँ से ले सकते हैं---http://www.bathinda.nic.in/

बठिंडा किला या बठिंडा का किला मुबारक-

 देश की यह अनमोल ऐतिहासिक राष्ट्रीय इमारत या कहिये किला 'ईंटों से बना 'भारत का सबसे पुराना किला माना जाता है.इसकी ईंटों के अध्ययन से इसे कुषाण काल का बना माना जाता है.
जब सम्राट कनिष्क का शासन हुआ करता था.माना जाता है सम्राट कनिष्क और राजा देब ने मिलकर इस किले को ९०-११० AD में बनवाया था.
१७९ AD से १००४ A D तक भाटी राजपूत शासकों का यहाँ राज्य रहा.

१००४ में ग़ज़नी के महमूद नें बठिंडा किले को उनसे छीन लिया था.उनके बाद मोहमद गौरी ने इस किले पर कब्ज़ा किया.
गौरी के साथ १३ साल के कड़े युद्ध के बाद  पृथ्वीराज चौहान ने इस पर विजय प्राप्त की.

भारत की पहली महिला शासक रजिया सुलतान को इसी बठिंडा किले में १२३९ में कैद किया गया था,
उनके सेवक अलतुनिया ने रज़िया को इस किले से आज़ाद कराया था.

१५१५ में गुरु नानक देव यहाँ आये.१६६५ AD में गुरु तेगबहादुर और १७०५ में गुरु गोबिंद सिंह जी यहाँ आये.वे भी इस किले में रहे थे. बठिंडा के जंगलों में गुरु गोविंद सिंह जी ने चुमक्का नामन ताकतों से लडाई की थी.

आज़ादी की लडाई में बठिंडा का किला मुबारक यानि बठिंडा किला का योगदान महत्वपूर्ण है.
१८३५ में महराजा करम सिंह ने एक गुरुद्वारा यहाँ बनवाया.यह इमारत भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है.
 लगभग १९०० सालों के इतिहास का गवाह यह किला आज भी अपने मूल रूप में उसी ढांचे के साथ मजबूती से खड़ा है.
विडियो देखें--

3 comments:

Vp Sharma said...

सुंदर, अतिसुंदर, महत्वपूरण जानकारी

Vp Sharma said...

सुंदर अतिसुंदर, महत्वपूर्ण जानकारी

Abhinav Anand Yadav said...

ऐतिहासिक जानकारी देनें के लिए अल्पना जी धन्यवाद.....!!