देवताओं के अपने देश कहे जाने वाले 'केरल 'राज्य के बारे में हम आप को पहले की पोस्ट में बता ही चुके हैं.
आज बात करते हैं यहाँ के राज्य कोच्ची के बारे में .केरल तीन भौगोलिक व सांस्कृतिक इकाईयों में बंटा हुआ है,
उत्तर में मलाबार, मध्य में कोचीन और दक्षिण में त्रावणकोर. कोचीन इस प्रदेश का सबसे अधिक विविधवर्णी और सब से बड़ा नगर है.
इसी पावन अवसर पर आज मैं आप को लिए चलती हूँ 'वैलंकानी 'जो तमिलनाडु राज्य में स्थित है.यहाँ दर्शन करेंगे प्रभु यीसु की जननी 'माता मेरी के जिन्हें 'Our lady of Good Health,' "Our Lady of Vailankanni" वैलंकानी माता भी कहा जाता है . तमिलनाडु के नागापट्टिनम क्षेत्र में वैलंकानी गिरिजाघर स्थित है। मानना है कि मदर मेरी की प्रतिमा यहाँ जागृत की गई है.चर्च की पवित्र वेदी पर देवी मेरी की आराधना की जाती है। एक कथा के अनुसार सोलहवीं सदी में माता मेरी अपने शिशु के साथ एक हिंदू ग्वाले के सामने प्रकट हुईं और उन्होने उस से दूध माँगा ,ग्वाले ने दूध दे दिया. जब वह अपने ग्राहक के पास दूध ले कर पहुँचा.तब उस ने देरी का कारण बताया.लेकिन दूध का मटका पूरा भरा देख कर उसे बहुत आश्चर्य हुआ और यह चमत्कार देख कर ग्वाला और वह व्यक्ति उसी स्थान पर [तालाब के पास]पहुँचे माता मेरी को देखने .माता फिर प्रकट हुई और उन्हें दर्शन दिए.इस घटना को सुनकर वहाँ की केथोलिक समुदाय ने उस स्थान को 'माथाकुलम' का नाम दिया. -कुछ साल बाद एक बार फिर माता मेरी एक विकलांग लड़के के सामने प्रकट हुईं. माँ के आशीर्वाद से विकलांग लड़का ठीक हो गया था.इस घटना के बाद उन्हें' अच्छा स्वास्थ्य देने वाली देवी'-Our lady of good health कहा जाने लगा. -एक और घटना के बाद देवी की ख्याति दूर दूर तक फैल गयी.जब माता ने पुर्तगालियों के एक जहाज़ को भयंकर तूफान से बचाया.उन व्यापारियों ने देवी का स्थाई चेपल बनवाया .
बहुत से चमत्कार के क़िस्से अब भी सुने जाते हैं .
गिरिजाघर के पास एक संग्रहालय है जहाँ पर देवी मेरी को अर्पित की गई भेंटें रखी गई हैं। आवर लेडी ऑफ हेल्थ देवी मेरी का जन्म 28 अगस्त से लेकर 10 सितम्बर तक मनाया जाता है।
आवर लेडी ऑफ हेल्थ देवी मेरी का जन्म 28 अगस्त से लेकर 10 सितम्बर तक मनाया जाता है। समारोह के दौरान होली मास की प्रार्थना आयोजित की जाती है जो कि 6 भाषाओं में बोली जाती है और दिन में 14 बार दोहराई जाती है। कहा जाता है कि जब श्रद्धालुओं की मुराद पूरी हो जाती है, तब देवी मेरी को भेंट चढ़ाते हैं। गिरिजाघर के पास एक संग्रहालय है जहाँ पर देवी मेरी को अर्पित की गई भेंटें रखी गई हैं। नजदीकी एयरपोर्ट - चेन्नई रेलः- नजदीकी रेलवे स्टेशन है त्रिची, चेन्नई एवं तंजावुर. सड़क मार्ग : नागापट्टिनम से बस सेवाएँ उपलब्ध हैं।
इसी चर्च की तस्वीरें देखीए-
इसी पावन स्थान की वीडियो देखीए-
References-
-http://www.vailankannichurch.org/ -हिंदी वेब दुनिया डाट काम)