Featured Post

सबसे प्राचीन जीवंत हिन्दू मंदिर

Picture from wikipedia मुंडेश्वरी मंदिर  संसार में सबसे प्राचीन जीवंत हिन्दू मंदिर मुंडेश्वरी मंदिर माना जाता है साथ ही भारत में सबस...

जयपुर की वेधशाला-जंतर-मंतर

jantar mantar jaipur16सन २०१० में विश्व सांस्कृतिक निकाय यूनेस्को ने जयपुर के 18 वीं सदी के जंतर-मंतर को वर्ल्ड हैरिटेज सूची में शामिल किया है.तब से ही यह राजस्थान की पहली व देश की २३ वीं सांस्कृतिक धरोहर बन गया है.यूँ तो राजस्थान का भरतपुर घना पक्षी अभयारण्य पहले से वर्ल्ड हैरिटेज की सूची में है,परंतु वह प्राकृतिक हैरिटेज सूची में है.ज्ञात हो कि देश की अब तक २८ विश्व धरोहर हैं, जिनमें अब २३ सांस्कृतिक और ५ प्राकृतिक धरोहर हैं.

जंतर का अर्थ है यंत्र ओर मंतर शब्द का अर्थ यहाँ गणना से है.
पिछली पोस्ट में मैंने महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय के बारे में बताया था.उन्होंने १७२४ में हिंदू खगोलशास्त्र के आधार पर वेधशालाओं का निर्माण करवाया.जिन में दिल्ली की वेधशाला के बनने के १० वर्षों के पश्चात जयपुर की वेधशाला बनवाई. उज्जैन , बनारस और मथुरा में अपेक्षाकृत छोटी वेधशालाएं थीं.

वेधशालाओं के निर्माण में उन्होंने उज्जैन के खगोलशास्त्रियों की मदद भी ली जो उस समय इस शास्त्र में श्रेष्ठ माने जाते थे.उज्जैन के पंडित जगन्नाथ का नाम इन्मी प्रमुख लिया जाता है.ऐसा समझा जाता है कि उज्जैन में अपने निवास के दौरान उन्होंने इस पर कार्य करना शुरू कर दिया था.
कहा जाता है कि उज्जैन में उन्होंने सब से पहले १७१७ ऐ.डी .में सम्राट यंत्र स्थापित किया था और दिल्ली में उसके बाद १७२४ में.

जयपुर के प्रसिद्ध हवामहल से भी दिखाई देने वाले इस स्थान के बारे में आईये कुछ बातें जानें-
  • १७२८ में कुछ यंत्रों से काम लेना शुरू कर दिया गया था.१७३४ में निर्माण कार्य पूरा हुआ .
  • जयपुर के राजा सवाई जयसिंह द्बितीय द्वारा बनवाई वेधशालाओं में यह सब से बड़ी है.
  • इसमें मुख्य रूप से बड़े १४ ज्यामितीय यंत्र हैं जो समय ,सूर्य,तारों की स्थिति,ग्रहण का समय,ग्रहों,नक्षत्रों की स्थिति , उल्का पिंडों की बदलती दशा,मौसम आदि जानकारियाँ मालूम की जा सकती हैं.
  • कुछ यंत्रों का प्रयोग सूर्य की रोशनी में अध्ययन ले लिए किया जाता है तो कुछ का प्रयोग चाँद की रोशनी में रात को .
  • सम्राट यंत्र सवाई जयसिंह के द्वारा खड़े किए गए यंत्रों में से एक है .इसकी ऊँचाई करीब 144 फुट है.इसका उपयोग वायु परीक्षण के लिए ही किया जाता है.
  • सम्राट यंत्र के अतिरिक्त अन्य यंत्र जो स्वयं महाराज ने स्थापित किये वे हैं- जयप्रकाश और राम यंत्र.
  • यहाँ स्थित विश्व की सबसे बड़ी सूर्य घड़ी दो सेकंड तक की सटीक जानकारी देती है.
  • बेशक ये सभी यंत्र खगोलीय घटनाओं की जानकारी देने में आज भी सक्षम हैं.
  • जयपुर शहर ज्योतिष और खगोलीय अध्ययन का केंद्र माना जाता रहा है.आज भी इस वेधशाला में शोध छात्र,खगोल शास्त्री एवं ज्योतिषाचार्य सूक्ष्म गणनाएँ करने आते हैं .
  • इन यंत्रों को बनाने के लिए स्थानीय पत्थर और संगमरमर का प्रयोग किया गया है.
  • विद्याधर भट्टाचार्य नमक के ब्राह्मिण शिल्पकार की सलाह से दिल्ली और जयपुर की वेधशालाओं का शिल्प तय किया गया.
  • यह ज्योतिष और खगोल के संगम का उत्कृष्ट नमूना है.यह कई मायनो में अन्य से बेहतर है.ओर अभी तक इस का उपयोग किया जा रहा है.
  • एक स्थान पर मैंने पढ़ा है कि ज्योतिषों के अनुसार इस वेधशाला का उपयोग सटीक ज्योतिषी गणना के लिए अगले तीन हज़ार वर्षों तक किया जा सकेगा .आज भी कई देशी-विदेशी पर्यटक ख़ास अध्ययन के लिए यहाँ आते हैं .
jaipur JantarMantar15 jaipur JantarMantar7
jaipur JantarMantar4
नाड़ी वलय यंत्र उत्तरी गोला.
jaipur JantarMantar14
jaipur JantarMantar10
सम्राट यंत्र
jaipur JantarMantar9सूर्य घडी
jaipur JantarMantar8 jaipur JantarMantar6
jaipur JantarMantar12 jaipur JantarMantar11
JantarMantar-1 jaipur JantarMantar-2
jaipur JantarMantar13 jaipur JantarMantar5
उपयोगी लिंक--
Lecture on positional astronomy and the Jantar Mantar Observatory
Speaker : Dr. N. Rathnasree, Director, Nehru Planetarium, New Delhi.
http://youtu.be/j9GyffIb0Js
http://youtu.be/hbBPa2SxrD4
वीडियो में देखें-जयपुर का जंतर -मंतर

रेफेरेंस-
http://www.engr.mun.ca/~asharan/JAI_SINGH/index.html
http://www.khagolmandal.com/
http://www.crystalinks.com/indiastronomy.html
-Information posted here is collected and translated in hindi BY Alpana Verma .

21 comments:

Vijai Mathur said...

अनुपम एवं संग्रहणीय जानकारी.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत अच्छी जानकारी दी आपने.

सादर

डॉ. मनोज मिश्र said...

बहुत संग्रहनीय पोस्ट,आभार.

मनोज कुमार said...

बहुत ही उत्तम जानकारी दी है आपने।

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

Sahene yogy jankariparak post....

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

*Sahejane...

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

बहुत अच्छी जानकारी देता है आपका लेख....

आशा जोगळेकर said...

सुंदर फोटोग्राफस् के साथ बहुत अच्छी जानकारी । वीडियो से तो इसमें और वृध्दी हो रही है । सवाई जयसिंग जी की ये धरोहर वर्ल्ड हेरिटोज में शामिल होने पर हम सबको बधाई ।

Kajal Kumar said...

पता नहीं ज़मीन के नीचे क्या क्या है

mahendra srivastava said...

अच्छी जानकारी,
वैसे तो यहां मैं कई बार जा चुका हूं, फिर ये जानकारी मेरे लिए नई है।

Rakesh Kumar said...

सुन्दर जानकारी के लिए आभार.

P.N. Subramanian said...

बहुत ही ज्ञानवर्धक. बहुत सारी बातें मालूम नहीं थीं. यहाँ हमारा एक मित्र सीबीआई में उच्च अधिकारी है. उनका कहना रहता था की उनके पूर्वजों ने बनवाया था. वास्तव में अम्बर महल के मंदिर के पुजारी परंपरागत रूप से भट्टाचार्य ही हैं. वे सदियों से राज पुरोहित बने हुए हैं.

मैं और मेरा परिवेश said...

जतंर मंतर पर आपने बहुत खूबसूरत जानकारी दी। विद्याधर भट्टाचार्य और जयसिंह के बारे में जानने की जिज्ञासा भी जगी है। इनके बारे में भी जानकारी दीजिएगा।

Ratan Singh Shekhawat said...

दीपावली के पावन पर्व पर आपको मित्रों, परिजनों सहित हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ!

way4host
RajputsParinay

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

बहुत सुन्दर किया ये जानकारी हम सब तक आप ने पहुंचाया ..कभी हम भी
शुभ कामनाएं
भ्रमर ५

ajit gupta said...

बहुत खूबसूरत और नायाब है जयपुर की वेधशाला।

श्रीप्रकाश डिमरी /Sriprakash Dimri said...

बहुत ही हर्ष का विषय है ...यूनेस्को ने विश्व धरोहर की सूची में हमारे जंतर मंतर को रखा है ...सुन्दर ह्याँ वर्धक आलेख के लिये आभार एवं शुभ कामनायें ..

Binay Shukla said...

bahut hi badhiya paryas hai, dhanyawad
Binay Kumar Shukla

Vikas Gupta said...

बहुत ही उपयोगी जानकारी । मै भी जयपुर जाने वाला हूँ इसीलिए वंहा के बारे में जानकारी लेना जरूरी समझा ।

Alpana Verma said...

जयपुर की अन्य पोस्ट्स भी देखें.
जयपुर का आमेर का किला बहुत सुन्दर है .३ साल पहले हो कर आई हूँ ,वहां की कोई १८ -१९ तस्वीरें मैंने उस पोस्ट में डाली हैं .

harpinder said...

bddda sunder hai gg jaipur ....
chahe asi aakhi ni dekhia,,,